मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब साढ़े नौ साल पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान और सुरक्षा के दो बड़े संकट थे। प्रदेश के बाहर लोग अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे, वहीं प्रदेश के भीतर परिवार बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। आज हालात बदल रहे हैं और बेटियां रात दो बजे भी ड्यूटी पूरी कर बेखौफ घर लौट रही हैं।
मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक मीडिया संस्थान के यूथ आइकॉन कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कानून व्यवस्था, रोजगार, उद्योग, खेल, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले 37 यूथ आइकॉन को सम्मानित भी किया गया।
रात दो बजे भी नाइट शिफ्ट से घर लौट रहीं बेटियां
सीएम योगी ने लखनऊ स्थित एचसीएल के महिला कर्मचारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि बाराबंकी, उन्नाव और सीतापुर से महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करने आती हैं। हाल ही में बातचीत के दौरान जब उनसे रात में घर लौटने की परेशानी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वे रात दो बजे भी ड्यूटी खत्म होने के बाद बेखौफ घर लौटती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे। कई परिवार अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजने को मजबूर थे। उन्होंने इसे प्रदेश में कानून व्यवस्था में आए बदलाव का उदाहरण बताया।
'माफिया मिट्टी में मिल चुके, अब अपराधी बेच रहे केला'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में अपराधियों और माफिया का वर्चस्व था। उन्होंने दावा किया कि अब माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं और अपराधी केला बेच रहे हैं। उन्होंने पहले की स्थिति को 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' से जोड़ते हुए कहा कि अब 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के जरिए हर जिले के खास उत्पादों को पहचान मिल रही है।
सीएम योगी के मुताबिक, प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनसे 3.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध करा रही है।
छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
सीएम योगी ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले नियुक्तियों में सिफारिश और लेनदेन की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने एक ऐसे मामले का उल्लेख किया, जिसमें व्यक्ति ने न आवेदन किया था और न परीक्षा दी थी, फिर भी उसे नियुक्ति पत्र मिल गया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि साढ़े नौ वर्षों में करीब साढ़े नौ लाख सरकारी नियुक्तियां की गई हैं। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह लगभग 4,500 सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा 32 हजार से अधिक पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
1,400 खिलाड़ियों को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार, अब तक लगभग 1,400 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उन्होंने पारुल चौधरी, राजकुमार पाल और ललित उपाध्याय का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मान के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। सरकार का संदेश है कि देश के लिए पदक लाओ और उत्तर प्रदेश में पद पाओ।
120 से बढ़कर 25 हजार हुए स्टार्टअप
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 25 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड बनाया गया है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके तहत हर साल एक लाख युवाओं को बिना ब्याज और बिना गारंटी के ऋण देने की व्यवस्था है। उन्होंने इस योजना को सरकार का अपना 'शार्क टैंक' बताया और कहा कि इसमें युवाओं को अपनी हिस्सेदारी भी नहीं देनी पड़ती।
एचसीएल में बढ़ीं नौकरियां, ब्रह्मोस परियोजना से भी रोजगार
मुख्यमंत्री के अनुसार, लखनऊ स्थित एचसीएल परिसर में कर्मचारियों की संख्या करीब 100 से बढ़कर 12,500 हो गई है। कंपनी ने छह हजार और युवाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस परियोजना से प्रदेश के 500 युवाओं को रोजगार मिला है। मिसाइलों की बिक्री से प्रदेश सरकार को 35 करोड़ रुपये का जीएसटी भी प्राप्त हुआ है।
साइबर सुरक्षा केंद्र को मंजूरी, एआई पर भी जोर
सीएम योगी ने बताया कि मंगलवार को कैबिनेट ने साइबर सुरक्षा के नए केंद्र को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एआई सिटी, कानपुर में ड्रोन तकनीक और नोएडा में रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) निर्णय देने में मदद कर सकता है, लेकिन अंतिम फैसला मनुष्य को ही लेना होगा। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने का भी उल्लेख किया।
2047 के भारत का नेतृत्व करेंगे आज के युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब आज के युवा विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे होंगे। इसलिए उन्हें अभी से अपनी प्रतिभा, मेहनत और कौशल के दम पर भविष्य की तैयारी करनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और मतदान करने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक कर्तव्य भी है।
37 यूथ आइकॉन सम्मानित
कार्यक्रम में खेल, उद्यमिता, कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य और डिजिटल क्रिएशन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले 37 यूथ आइकॉन को सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता लाखों युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।