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योगी कैबिनेट का फैसला: वाराणसी और लखनऊ में पेयजल-सीवरेज की 7 परियोजनाओं को मंजूरी

योगी सरकार ने वाराणसी और लखनऊ में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन-2.0 (अमृत-2.0) के तहत सात परियोजनाओं के खर्च से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से दोनों शहरों में लाखों लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य परियोजना वाले क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है।

वाराणसी में 8.52 लाख लोगों को मिलेगी सीवरेज सुविधा

वाराणसी में सीवरेज व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुराने ट्रांस वरुणा क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जोन के साथ नवविस्तारित क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इसमें लहरतारा और चितईपुर जोन में सीवरेज व्यवस्था का विस्तार भी शामिल है।

इन परियोजनाओं से करीब 8.52 लाख लोगों को सीवरेज सुविधा मिलने का अनुमान है। इससे संबंधित क्षेत्रों में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

वाराणसी के 8.22 लाख लोगों को मिलेगा बेहतर पेयजल

शहर में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए पुराने ट्रांस वरुणा क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जोन में काम किया जाएगा। इसके अलावा लहरतारा और चितईपुर के नवविस्तारित क्षेत्रों में भी पेयजल सुविधाओं का विस्तार होगा।

परियोजनाओं के पूरा होने पर वाराणसी के करीब 8.22 लाख लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ में 1.56 लाख लोगों को मिलेगा शुद्ध पानी

लखनऊ में अमृत-2.0 के तहत पेयजल डिस्ट्रिक्ट-डी की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत ऐशबाग, आलमनगर और केशरीखेड़ा वार्ड में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

इस परियोजना से करीब 1.56 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने का अनुमान है। संबंधित क्षेत्र को पेयजल व्यवस्था से पूरी तरह जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी खर्च

सातों परियोजनाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ संबंधित निकायों के योगदान का प्रावधान किया गया है। इसके तहत:

  • केंद्रांश: 696.42 करोड़ रुपये

  • राज्यांश: 1,866.40 करोड़ रुपये

  • निकायांश: 222.85 करोड़ रुपये

  • सेंटेज: 113.95 करोड़ रुपये

योगी सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर पेयजल व सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।