बुंदेलखंड के किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने और सही समय पर बेचने की सुविधा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में झांसी और ललितपुर में गोदाम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दोनों जिलों में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के भंडारगृह बनाए जाएंगे।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इन गोदामों से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बुंदेलखंड में भंडारण सुविधाएं बढ़ाने और गोदाम निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
झांसी में 30 हजार, ललितपुर में 35 हजार मीट्रिक टन क्षमता
योजना के तहत झांसी में 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 35 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
इन भंडारगृहों में दलहन, तिलहन, श्री अन्न यानी ज्वार-बाजरा और अन्य कृषि उपज को सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी। वैज्ञानिक तरीके से भंडारण होने से फसल की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
सही समय पर फसल बेच सकेंगे किसान
बुंदेलखंड में सूखे और असमान बारिश के कारण किसानों को कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। पर्याप्त गोदाम उपलब्ध होने से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार में कीमतें अनुकूल होने पर उसे बेच सकेंगे।
इससे किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर उपज बेचने से बचने में मदद मिल सकती है। साथ ही, फसल की गुणवत्ता बनाए रखने और कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी।
उपज की बर्बादी घटेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
नए गोदाम बनने से कृषि उपज की बर्बादी कम करने और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इनके निर्माण और संचालन से परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, रखरखाव और अन्य संबंधित कार्यों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य बुंदेलखंड में कृषि भंडारण व्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद देना है।