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हरियाणा में सवालों में महिलाओं की हिस्सेदारी कटघरे में हर दल

हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे मुकाबला रोचक बनता जा रहा है. कांग्रेस और बीजेपी सहित तमाम पार्टियों ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं. चुनाव नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार तक होनी है, जिसके बाद कितने उम्मीदवार मैदान में हैं. पुरुष प्रधान प्रदेश कह लाने वाले हरियाणा की सियासत में महिलाओं की भागेदारी उनकी आबादी के लिहाज से नहीं मिल सकी है. इस बार भी सभी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं को टिकट देने में दिल बड़ा नहीं कर सकी हैं.

पंजाब से अलग होकर हरियाणा बनने के छह दशक के सियासी इतिहास में 13 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं. 1967 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए और उसके बाद से हुए 13 चुनाव में कुल 575 महिलाओं ने अलग-अलग पार्टियों से किस्मत आजमाने का काम किया. इन 575 महिलाओं में से सिर्फ 87 महिला ही विधायक बन सकी हैं. राज्य में सबसे कम चार महिला विधायक बनी हैं तो सबसे ज्यादा 13 महिला चुनी गई हैं. ऐसे में देखना है कि इस बार महिला विधायकों के चुनने का रिकॉर्ड टूटता या फिर नहीं?