वेस्ट मैनेजमेंट यानी कचरा प्रबंधन आने वाले समय में बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी बन सकता है। कचरे से सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल, रिसाइक्लिंग और री-प्रोसेसिंग के जरिए नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। यह बात नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान कही। नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन कर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
कचरे से बन सकते हैं नए उद्योग
मंत्री ने कहा कि शहरों से रोज बड़ी मात्रा में ठोस कचरा निकलता है। अगर इसका सही तरीके से प्रबंधन किया जाए तो यही कचरा आर्थिक अवसर में बदला जा सकता है। सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल, रिसाइक्लिंग और री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में कचरे के बेहतर इस्तेमाल से नए उद्योग विकसित हो सकते हैं और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
ए.के. शर्मा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सिर्फ सफाई से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा है। प्रभावी कचरा प्रबंधन से शहरों को स्वच्छ रखने के साथ प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया है। अब जरूरत है कि इस अभियान को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और जनभागीदारी के साथ और अधिक वैज्ञानिक एवं स्थायी बनाया जाए।
लखनऊ के प्लांट का दिया उदाहरण
नगर विकास मंत्री ने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल का उल्लेख करते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है।