मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ में गोमती तट स्थित वाल्मीकि वाटिका, प्रेरणा स्थल पर महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित की गई। महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव एवं शोभायात्रा आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने फीता काटकर प्रतिमा का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर समाज के लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। समिति के अध्यक्ष चौधरी बृजेश पुजारी ने कहा कि प्रतिमा की स्थापना वाल्मीकि समाज के लिए गर्व का विषय है। इससे महर्षि वाल्मीकि के विचारों और उनके योगदान को लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
महापुरुषों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान ऋषि हैं। उन्हें रामायण की रचना के लिए जाना जाता है। उनके विचार आज भी समाज को सत्य, मर्यादा और नैतिक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनकी प्रतिमा की स्थापना से लोगों को उनके जीवन और शिक्षाओं को जानने का अवसर मिलेगा।
योगी सरकार में महापुरुषों की जयंती और प्रकटोत्सव के आयोजनों के माध्यम से उनकी विरासत को सम्मान देने तथा सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में पार्षद प्रमोद सिंह राजन, निशातगंज वार्ड के पार्षद, नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा सहित समाज के कई लोग उपस्थित रहे। संस्था के संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व सदस्य श्याम लाल वाल्मीकि, प्रमोद हंस और दिनेश वाल्मीकि ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।