आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए योगी सरकार की निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। समाज कल्याण विभाग के पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से प्रशिक्षण लेने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। अब सभी सफल अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी साक्षात्कार में शामिल होंगे। समाज कल्याण विभाग की ओर से इंटरव्यू की तैयारी के लिए मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है।
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भागीदारी भवन कोचिंग: 35 अभ्यर्थी
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अलीगंज आदर्श परीक्षा केंद्र: 18 अभ्यर्थी
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हापुड़ राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र: 21 अभ्यर्थी
इन तीनों केंद्रों से कुल 74 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। समाज कल्याण विभाग प्रदेश में 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित कर रहा है। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को इन केंद्रों में निःशुल्क आवासीय कोचिंग और मार्गदर्शन दिया जाता है। छात्रों को कोचिंग के साथ कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:
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मेस की सुविधा
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पुस्तकालय और इंटरनेट
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टेस्ट सीरीज और नोट्स
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मनोरंजन और खेलकूद
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जिम की सुविधा
इस व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित न होने देना है। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण के लिए तैयार करने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग मॉक इंटरव्यू भी आयोजित कराता है। इससे अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी और अभ्यास का अवसर मिलेगा।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री ने कहा कि विभागीय कोचिंग केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।