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PM सूर्य घर योजना में यूपी बना नंबर-1, 8.76 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है।

रोजाना 1.32 करोड़ यूनिट से ज्यादा स्वच्छ बिजली

उत्तर प्रदेश में स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता 2,942 मेगावॉट से अधिक हो गई है। 4.5 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिदिन के मानक के आधार पर इससे हर दिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली पैदा करने की क्षमता है।

₹6.50 प्रति यूनिट के समतुल्य मूल्य के हिसाब से यह बिजली ₹8.5 करोड़ से अधिक प्रतिदिन और ₹3,100 करोड़ से अधिक सालाना बिजली के बराबर है। इससे लाखों परिवारों को बिजली के खर्च में राहत मिलने के साथ प्रदेश की ऊर्जा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

8,000 से ज्यादा वेंडर्स, एक लाख से अधिक रोजगार

यूपीनेडा ने योजना के तहत 8,000 से अधिक वेंडर्स को इम्पैनल्ड किया है। इनके जरिए सोलर सिस्टम की बिक्री, डिजाइन, इंजीनियरिंग, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल कार्य, कमीशनिंग और आफ्टर-सेल्स सर्विस से जुड़े क्षेत्रों में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, सामग्री आपूर्ति, स्ट्रक्चर फैब्रिकेशन, साइट सर्वे, ग्राहक सेवा और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

लखनऊ देश में पहले स्थान पर

यूपी के 15 जिले देश के टॉप-100 में शामिल हैं। इनमें लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि वाराणसी देश में 10वें स्थान पर है। पिछले कई महीनों से प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की रफ्तार लगातार बढ़ी है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, डिस्कॉम स्तर पर निरीक्षण और मीटरिंग की निगरानी, बैंकिंग फॉलोअप, वेंडर समन्वय और लंबित मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

11,700 एकड़ से ज्यादा भूमि की बचत

रूफटॉप सोलर की खासियत यह है कि इसके लिए अलग से बड़े भू-भाग की जरूरत नहीं होती। घरों और भवनों की छतों पर ही सोलर प्लांट लगाए जाते हैं। 4 एकड़ प्रति मेगावॉट के मानक के आधार पर प्रदेश में स्थापित वर्तमान रूफटॉप सोलर क्षमता से 11,700 एकड़ से अधिक भूमि की बचत होने का अनुमान है। इससे जमीन का इस्तेमाल अन्य व्यावसायिक और विकास गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

34 लाख टन से ज्यादा CO₂ उत्सर्जन में कमी

रूफटॉप सोलर से पैदा होने वाली स्वच्छ बिजली के कारण प्रदेश में 34 लाख टन से अधिक वार्षिक CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। पर्यावरणीय लाभ को वृक्ष-समतुल्यता के तौर पर देखें तो यह एक साल में 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा अवशोषित कार्बन के बराबर बताया गया है। यह वृक्ष-समतुल्यता एक अनुमानात्मक पर्यावरणीय तुलना है।

केंद्र और राज्य की सब्सिडी से लाभ

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश में केंद्रीय सब्सिडी ₹5,722 करोड़ से अधिक और राज्य सब्सिडी ₹2,000 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता का प्रभाव सामने आया है।

सरकार के अनुसार, केंद्र और राज्य की वित्तीय सहायता का सीधा लाभ लाभार्थियों तक पहुंचने से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर लगाना आसान हुआ है। इससे बिजली खर्च कम करने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता और घरेलू आर्थिक सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

‘सूर्य घर’ से बदल रही यूपी की ऊर्जा तस्वीर

उत्तर प्रदेश में 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट, 2,942 मेगावॉट से ज्यादा स्थापित क्षमता, रोजाना 1.32 करोड़ से अधिक यूनिट स्वच्छ बिजली, 11,700 एकड़ से ज्यादा भूमि बचत, 34 लाख टन से अधिक संभावित वार्षिक कार्बन बचत और एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार योजना के बढ़ते प्रभाव को दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के जरिए प्रदेश में सौर ऊर्जा को रोजगार, उद्योग, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।