गुजरात में सूरत के रहने वाले वलजीभाई चौधरी पिछले सात साल से जंगल मॉडल की तर्ज पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। अब उनकी कोशिश रंग ला रही है। उन्हें ज्यादा और अच्छी उपज मिल रही है। इससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है।
सब्जी की खेती का शौक उन्हें बचपन से ही था। साल 2017 में वे ए-टी-एम-ए प्रोजेक्ट वर्कशॉप से जुड़े। जंगल मॉडल की ओर बढ़ते हुए वलजीभाई चौधरी अब 20 से 25 तरह की फसलें उगाते हैं। इनमें अनाज, दालें, सब्जियां और अनार और अमरूद जैसे फल शामिल हैं।
इस मल्टी क्रोपिंग मैथड से खेती की लागत कम हुई है, लेकिन पैदावार बढ़ गई है। उनकी आमदनी सालाना 12 लाख रुपये से ज्यादा की हो गई है। वलजीभाई की ये कामयाबी उन किसानों के लिए मिसाल है, जो सोचते हैं कि खेती में ज्यादा कमाई नहीं होती है।