केरल में शबरिमला सोना चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को मुख्य पुजारी के. राजीवरु को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी का कारण मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से उनके संबंध और भगवान अयप्पा मंदिर में द्वारपालक और श्रीकोविल की विवादास्पद सोने की पत्तरों को फिर से बनवाने के लिए की गई सिफारिश में उनकी भूमिका बताया गया।
भगवान अयप्पा मंदिर में सर्वोच्च धार्मिक और मुख्य पुजारी राजीवरु से सुबह एक अज्ञात जगह पर पूछताछ की गई और बाद में दोपहर में उन्हें एसआईटी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज की गई। गिरफ्तारी मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार के बयानों के आधार पर की गई।
एसआईटी ने पाया कि राजीवरु के पोट्टी से घनिष्ठ संबंध थे और उन्होंने ही मंदिर में द्वारपालक (संरक्षक देवता) की प्लेटों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार पर लगने वाले पत्तरों की फिर से बनवाने की सिफारिश की थी। बाद में जब त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने सड़क की मरम्मत के लिए राजीवरु से इजाजत मांगी तो उन्होंने अपनी मंजूरी दे दी। जांच के तहत राजीवरु से पहले भी पूछताछ की जा चुकी है।