दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को बारामूला सांसद अब्दुल राशिद शेख को एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। उन्होंने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए यह जमानत मांगी थी, जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने एक लाख रुपये के बॉन्ड और समान राशि के एक जमानती पर उन्हें राहत दी। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें भी लगाईं हैं।
अदालत ने निर्देश दिया है कि शेख अस्पताल में ही रहेंगे जहां उनके पिता भर्ती हैं और परिवार के सदस्यों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करेंगे। उन्हें अपना मोबाइल फोन चालू रखना होगा और उनके साथ दो अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जिनका खर्च एनआईए वहन करेगी। एक सप्ताह बाद उन्हें सरेंडर करना होगा।
हाईकोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि शेख पहले भी चुनाव नामांकन दाखिल करने और प्रचार के लिए अंतरिम जमानत पा चुके हैं, और संसद सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें कस्टडी पैरोल भी दी गई थी। एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए आशंका जताई थी कि इससे गवाह प्रभावित हो सकते हैं, जबकि एक गवाह पहले ही मुकर चुका है। हालांकि एजेंसी ने कस्टडी पैरोल देने पर आपत्ति नहीं जताई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। गौरतलब है कि अब्दुल राशिद शेख आतंकी फंडिंग मामले में एनआईए की हिरासत में हैं और उन्हें 19 अगस्त 2019 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।