योगी सरकार उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित, संस्कारयुक्त और समावेशी माहौल देने पर जोर दे रही है। इसके लिए विद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय और प्रशस्त 2.0 जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी है।
इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और इनके क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए 22 अक्टूबर को लखनऊ में राज्यस्तरीय अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें स्कूलों के विकास में जनभागीदारी बढ़ाने, नशामुक्त वातावरण बनाने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
विद्यांजलि से स्कूलों के विकास में बढ़ेगी जनभागीदारी
कार्यशाला में विद्यांजलि पोर्टल पर स्कूलों के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत संगठनों की भागीदारी बढ़ाने और ‘एडॉप्ट ए स्कूल’ मॉड्यूल के जरिए विद्यालयों के विकास में विभिन्न हितधारकों को जोड़ने के उपायों पर चर्चा होगी।
राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों, जरूरी सहयोग और आगे की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा, ताकि स्कूलों के विकास में समाज की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
नशामुक्त विद्यालय अभियान की होगी समीक्षा
कार्यशाला में नशामुक्त विद्यालय कार्यक्रम के तहत स्कूलों के पंजीकरण, स्व-घोषणा और स्व-मूल्यांकन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा संबंधित पोर्टल की सुविधाओं और कार्यक्रम को लागू करने में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।
इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों के लिए नशामुक्त वातावरण तैयार करने से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी बनाना है।
प्रशस्त 2.0 से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिलेगा सहयोग
कार्यशाला में प्रशस्त 2.0 ऐप का प्रदर्शन किया जाएगा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशी शिक्षा से जुड़ी जिला स्तर की गतिविधियों की भी समीक्षा होगी।
इसके साथ ही शिक्षकों के पोर्टल से जुड़ने, ट्यूटोरियल में भाग लेने और उसे पूरा करने की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों की स्थिति समझना और उन्हें बेहतर सहयोग देने के उपायों की पहचान करना है।
विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा मोनिका रानी के निर्देशों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को जरूरी सूचनाओं के साथ कार्यशाला में शामिल होने के लिए कहा गया है।
कार्यशाला में राज्य और जिला स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों, आवश्यक सहयोग और आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श होगा। सरकार का जोर विभागीय समन्वय के जरिए स्कूलों में जनभागीदारी, नशामुक्त वातावरण और समावेशी शिक्षा से जुड़ी पहलों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर है।