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शेयर बाजार पर मंदी की मार, लगातार पांचवें दिन गिरावट के साथ बंद

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को लगभग 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई। ये लगातार पांचवें दिन नुकसान का संकेत था, जो कि आईटी और वित्तीय क्षेत्रों में भारी बिकवाली के कारण हुआ। वहीं इसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2025 में ब्याज दरों में कम कटौती का संकेत दिए जाने की चिंता भी दिखी। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की भावनाओं को और ज्यादा प्रभावित किया।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,176 अंक गिरकर 78,041 पर जबकि एनएसई निफ्टी 364 अंक लुढ़ककर 23,587 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और भारतीय स्टेट बैंक सबसे ज्यादा लुढ़के। जबकि जेएसडब्ल्यू स्टील, नेस्ले इंडिया और टाइटन के शेयर ही चढ़े।

आईटी, बैंक, ऑटो, वित्तीय सेवाएं, रियलिटी, बिजली, मेटल और तेल और गैस शेयरों में भारी गिरावट की वजह से सभी क्षेत्रीय सूचकांकों में भारी बिकवाली देखी गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट, हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग, सियोल के कोस्पी और जापान के निक्केई सहित लगभग सभी एशियाई बाजार गिरावट के साथ जबकि इंडोनेशिया का जकार्ता कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुआ।

यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वॉल स्ट्रीट गुरुवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशक गुरुवार को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 4,224 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे।