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सनातन धर्म मीट नहीं रहा, बल्कि सिकुड़ रहा है: स्वामी दयाराम योगानंदाचार्य

जयपुर में आयोजित ‘संत संसद 2026’ में आस्था के साथ देशप्रेम का विशेष संगम देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन नेटवर्क 10 न्यूज चैनल द्वारा किया गया। शुरुआत में संतों ने अमर जवान ज्योति पर पहुंचकर शहीदों को नमन किया। वहीं, महिलाओं ने कलश यात्रा के जरिए संतों का जोरदार स्वागत किया। 

इस विशेष कार्यक्रम में जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी दयाराम योगानंदाचार्य महाराज भी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म कभी खत्म नहीं होता, लेकिन कभी-कभी इसका प्रभाव कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि देश के कुछ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं और इस पर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि संत संसद का यह आयोजन बहुत महत्वपूर्ण है और इस पर पूरे विश्व की नजर है, जहां सनातन धर्म, गौ रक्षा और वेद-पुराण जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।

महाराज ने कहा कि अगर हिंदू समाज मजबूत रहेगा तो गौ और हमारी परंपराएं भी सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि हम ही लोग “भारत माता की जय”, “गौ माता की जय” और “गंगा माता की जय” बोलते हैं और अपनी संस्कृति को मानते हैं।

उन्होंने बताया कि ब्रह्मर्षि स्वामी बामदेव जी महाराज और अशोक सिंघल जी के प्रयासों से अखिल भारतीय संत समिति बनी, जिससे अलग-अलग संप्रदाय के संत एक साथ आए और हिंदू समाज एकजुट हुआ।

उन्होंने कहा कि इसी एकता और लंबे संघर्ष का परिणाम है कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है। अंत में उन्होंने सभी से एकजुट रहने और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपील की।