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एस. जयशंकर 15–16 मार्च को ब्रुसेल्स दौरे पर, EU विदेश मंत्रियों से करेंगे मुलाकात

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 15 से 16 मार्च तक बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा यूरोपीय संघ (EU) की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कैलास के निमंत्रण पर हो रही है। इस दौरान जयशंकर फॉरेन अफेयर्स काउंसिल की बैठक में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।

यात्रा के दौरान विदेश मंत्री यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ बेल्जियम और अन्य ईयू सदस्य देशों के अपने समकक्षों से भी बैठक करेंगे। यह दौरा हाल ही में हुए ऐतिहासिक 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के बाद हो रहा है और इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत होने की उम्मीद है।

इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी बातचीत की और द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े विषयों पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “कल रात ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फिर बातचीत हुई। इस दौरान द्विपक्षीय मुद्दों और ब्रिक्स से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।”

अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बातचीत है। इससे पहले हुई बातचीत में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि चर्चा का मुख्य फोकस समुद्री मार्गों से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने पर था।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच तीन बार बातचीत हो चुकी है, जिसमें शिपिंग सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा ईरान के नेताओं से बातचीत का स्वागत किया और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत पर जोर दिया। थरूर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के व्यापार पर असर पड़ने के कारण कई देश प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए शांति स्थापित करने के लिए वैश्विक स्तर पर पहल जरूरी है।