तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 2026 के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव आयोग (ECI) रविवार को इन चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए चुनाव होंगे, जहां मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगा। वहीं उसका मुकाबला बीजेपी-एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से होगा।
वहीं पुडुचेरी में 16वीं विधानसभा की सभी 30 सीटों पर चुनाव होंगे। यहां कांग्रेस, डीएमके और सीपीआई के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, जबकि विपक्ष में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC), बीजेपी और एआईएडीएमके शामिल हैं। 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद एआईएडीएमके को 66 सीटें और कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। उस चुनाव में 76.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने 134 सीटें जीतकर बढ़त बनाई थी, जबकि DMK को 89 सीटें और कांग्रेस को 8 सीटें मिली थीं। उस समय 73.6 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2021 के पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (AINRC) ने 10 सीटें जीतकर बढ़त हासिल की थी। वहीं DMK को 6 सीटें, जबकि बीजेपी और कांग्रेस को 6-6 सीटें मिली थीं। उस चुनाव में 84.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
इससे पहले 2016 के पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि AINRC को 8 सीटें, एआईएडीएमके को 4 सीटें और DMK को 2 सीटें मिली थीं। उस चुनाव में 83.6 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बीच चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा भी की है। चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20B के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, जो चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद करेंगे।