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फूलदेई पर्व पर CM धामी ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, बताया प्रकृति और संस्कृति का प्रतीक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को फूलदेई पर्व के अवसर पर राज्यवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह प्रकृति, संस्कृति और आपसी प्रेम का प्रतीक है तथा उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री धामी ने लिखा, “फूलदेई, फूलदेई, छम्मा देई, छम्मा देई, देणी द्वार, भर भकार, यो देली सौ, बारंबार नमस्कार। लोकपर्व फूलदेई की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं से जुड़ा यह पावन पर्व प्रकृति, संस्कृति और आपसी स्नेह का प्रतीक है। हर घर की देहरी पर फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करने की परंपरा हमारे सामाजिक जीवन में सकारात्मकता और सौहार्द का संदेश देती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।”

फूलदेई उत्तराखंड का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों में मार्च-अप्रैल के दौरान फूलों के मौसम में मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू पंचांग के चैत्र माह के पहले दिन मनाया जाता है और इसे फसल तथा वसंत ऋतु के स्वागत का त्योहार भी माना जाता है। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय के कुछ प्रकाशनों का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119वें कृषि मेले का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें कृषि के नए नवाचारों की जानकारी मिलती है और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता और असली नायक हैं। उनके परिश्रम और समर्पण की वजह से ही हमारे घरों तक भोजन पहुंचता है और देश लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में किसानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।