संत नीब करोरी बाबा के महासमाधि दिवस पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की बड़ी पहल की है। बाबा के जीवन और उनसे जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं के लिए 5 विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। इन पैकेजों के तहत 2, 3 और 5 दिन की यात्राएं कराई जाएंगी। पर्यटकों की मांग के अनुसार इनका संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। वहीं फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में बाबा से जुड़े स्थलों के विकास और पर्यटन सुविधाओं पर करीब 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जन्मस्थली अकबरपुर में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं

नीब करौरी बाबा आश्रम धाम मंदिर (फर्रुखाबाद)
फिरोजाबाद के अकबरपुर को नीब करोरी बाबा की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पहले चरण में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं दूसरे चरण की 2.22 करोड़ रुपये की परियोजना का 60 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी।

अकबरपुर में बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन व आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी हॉल बनाया जा रहा है। यहां डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।दूसरे चरण में गार्ड रूम, सार्वजनिक सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वॉल और अन्य पर्यटक सुविधाएं भी विकसित होंगी।
फर्रुखाबाद आश्रम का भी हो रहा विकास
फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम धाम मंदिर के विकास की 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। यहां यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की गई हैं। पर्यटन विभाग का उद्देश्य बाबा से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन अनुभव तैयार करना है।
जन्मस्थली से समाधि स्थल तक जुड़ेगा ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’

कन्वेंशन सेंटर, अकबरपुर (फ़िरोज़ाबाद)
‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ में बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को शामिल किया जा रहा है। इसमें वृंदावन का समाधि मंदिर, फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर शामिल हैं। वृंदावन स्थित समाधि मंदिर वही स्थान है जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। वहीं फर्रुखाबाद के आश्रम को लेकर मान्यता है कि बाबा ने यहां भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्षों तक साधना की थी। इस तरह बाबा की जन्मस्थली से लेकर साधना और समाधि स्थल तक को एक ही पर्यटन मार्ग से जोड़ने की तैयारी है।
दिल्ली और लखनऊ से चलेंगे खास टूर पैकेज
महासमाधि दिवस के अवसर पर यूपीएसटीडीसी ने ‘बाबा नीब करोरी’ के 5 विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। इनमें 2, 3 और 5 दिन की यात्राओं के विकल्प शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के आधार पर इन टूर पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इससे देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा आसान होगी। टूर पैकेज की जानकारी के लिए +91 91490 99890 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट upstdc.co.in पर भी जानकारी उपलब्ध है।
‘बाबा की विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचा रही सरकार’
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का महासमाधि दिवस उनकी आस्था, सादगी और सेवा के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बाबा की शिक्षाएं आज भी भारत के साथ दुनिया के लोगों को प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बाबा से जुड़े स्थलों को संरक्षित करने के साथ उन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित कर रही है। इससे बाबा की विरासत को नई पीढ़ी और देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
वहीं अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने कहा कि ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। प्रमुख स्थलों को एक सर्किट में जोड़ने से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान होगी और उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।