बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। दोनों नेताओं ने शहीदों की स्मृति में पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया। नितिन नबीन इन दिनों दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनका यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और संगठन को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद नितिन नबीन ने पूर्व सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों और बलिदान की धरती है। उन्होंने 4 कुमाऊं रेजिमेंट के मेजर सोमनाथ शर्मा, जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था, के अदम्य साहस को नमन किया। नबीन ने कुमाऊं रेजिमेंट के आदर्श वाक्य ‘पराक्रमो विजयते’ का जिक्र करते हुए कहा कि वीरता की यह भावना देश की सीमाओं पर तैनात हर जवान को प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की तुलना एक सैन्य कमांडर से करते हुए कहा कि जिस तरह एक सैन्य कमांडर अपनी पूरी सेना में जोश भरता है और हर परिस्थिति के लिए तैयार करता है, उसी तरह नबीन अपने संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व से बीजेपी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर रहे हैं। CM धामी ने पूर्व सैनिकों को भी नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश की सुरक्षा और सेवा में समर्पित किए। उनके त्याग और योगदान का कर्ज देश कभी पूरी तरह नहीं चुका सकता।
इससे पहले नितिन नबीन और मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी के महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर में नबीन ने देश की विरासत और संस्कृति की मजबूती और उसके दुनिया भर में प्रसार की कामना की। उन्होंने उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की वास्तविक झलक इस पवित्र भूमि में देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि यह शहीदों की धरती है और यहां की मिट्टी से वीरों की गाथाएं जुड़ी हैं।
इससे पहले बुधवार को नितिन नबीन और CM धामी ने हल्द्वानी के होटल विंटेज ग्रीन में बीजेपी की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति बैठक में हिस्सा लिया था। बैठक में संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों, जमीनी स्तर पर पार्टी के नेटवर्क को मजबूत करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने और पार्टी पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने को लेकर भी मंथन किया। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करना बीजेपी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।