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रवि किशन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नाम-तस्वीर और AI के जरिए पहचान के दुरुपयोग पर लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन को बड़ी राहत देते हुए उनके नाम, तस्वीर, आवाज और अन्य व्यक्तिगत पहचान (पर्सनैलिटी राइट्स) के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने 2 जुलाई को यह अंतरिम आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें रवि किशन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अदालत का रुख किया था।

अदालत ने कहा कि पहली नजर में रवि किशन का पक्ष मजबूत है और यदि उन्हें तुरंत राहत नहीं दी गई तो उन्हें अपूरणीय नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने माना कि किसी सेलिब्रिटी की पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसकी निजता और गरिमा के अधिकार का भी उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था रवि किशन के नाम, तस्वीर, आवाज, व्यक्तित्व या अन्य पहचान का इस्तेमाल किसी भी तरह के व्यावसायिक या निजी लाभ के लिए नहीं कर सकती।

यह रोक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जनरेटिव AI, मशीन लर्निंग और डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए किए जाने वाले दुरुपयोग पर भी लागू होगी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने रवि किशन के नाम का इस्तेमाल कर अश्लील सामग्री, फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट, नकली बयान और AI से तैयार किए गए वीडियो प्रसारित किए, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। कोर्ट ने अश्लील, आपत्तिजनक या पोर्नोग्राफिक सामग्री में रवि किशन की पहचान का इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी है।

इसके अलावा अदालत ने संबंधित वेबसाइटों और डोमेन रजिस्ट्रार को तीन दिन के भीतर आपत्तिजनक लिंक हटाने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो मेटा (Meta), गूगल (Google) और एक्स (X) जैसे प्लेटफॉर्म को सूचना मिलने के 72 घंटे के भीतर ऐसे कंटेंट की पहुंच रोकने का आदेश दिया गया है।