नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के 21 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाकर शुक्रवार को दिल्ली लाया गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राजधानी में इन सभी लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। तमिलनाडु सरकार के मंत्री आधव अर्जुन और राजमोहन समेत कई मंत्री भी श्रद्धालुओं से मिलने पहुंचे। मंत्रियों ने हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम का दौरा कर वहां चल रहे काम की जानकारी ली। उन्होंने बचाए गए लोगों की स्थिति के बारे में पूछा और हर जरूरी मदद का भरोसा दिया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने नेपाल की बाढ़ से बचाए गए तमिलनाडु के 21 लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लोगों से उनकी आपबीती सुनकर वह भावुक हुए। विदेश मंत्री ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नेपाल की सेना और नेपाल सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने नेपाल में भारतीय दूतावास की भी तारीफ की, जिसने इन लोगों को सुरक्षित भारत वापस लाने में मदद की।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में मौजूद 320 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा भारतीय मूल के करीब 100 लोगों से भी अभी संपर्क नहीं हो पाया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग जगहों से मिली सूचियों को मिलाकर सही जानकारी जुटाने का काम चल रहा है।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, रासुवा के भोटेकोशी नदी इलाके में आई भीषण बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 538 हो गई है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक की जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा 221 शव चितवन में मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 134, गोरखा में 46, नुवाकोट में 37, धादिंग में 33, तनहुन में 28, नवलपरासी वेस्ट में 27 और रासुवा में 12 शव बरामद हुए हैं।
लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ नेपाल के बाहर रहने वाले नेपाली नागरिक, सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें 517 विदेशी नागरिक हैं। इसके अलावा नेपाल के बाहर रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं, जो यात्रा के लिए नेपाल आए थे। लापता लोगों में नेपाल सेना के 45, नेपाल पुलिस के 28, सीमा शुल्क विभाग के 15 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान भी शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 14,821 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें नेपाल सेना के 6,698, नेपाल पुलिस के 4,473 और सशस्त्र पुलिस बल के 3,650 जवान शामिल हैं। बाढ़ में कम से कम 73 लोग घायल भी हुए हैं। इनमें 43 रासुवा, 27 नुवाकोट और 3 धादिंग के हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।