छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में रक्षाबंधन का त्योहार भावुक माहौल में मनाया गया। स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों और शिक्षकों ने CRPF की 74वीं बटालियन के जवानों को राखी बांधी। वहीं, नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की बहनों ने अपने भाइयों की मूर्तियों पर राखी बांधकर उन्हें याद किया। सुकमा स्थित CRPF कैंप में स्कूल के छात्र और शिक्षक पहुंचे। उन्होंने परिवार से दूर ड्यूटी कर रहे जवानों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाई।
CRPF के ASI शंकर कुमार ने बच्चों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर उन्हें अपनी बहनों की याद आ रही थी, क्योंकि वे अपने परिवार से दूर हैं। ऐसे में स्कूल के बच्चे उनके लिए बहन बनकर आए और उनकी कलाई पर राखी बांधी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व और खुशी का पल था। उन्होंने कहा कि जवानों ने इन बच्चों की सुरक्षा का वादा किया है और ऐसे पल उनके लिए बेहद खास होते हैं।
74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि जवान त्योहारों के समय अपने परिवार से दूर रहते हैं। स्थानीय बच्चे और बहनें हर साल कैंप में आकर जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थानीय प्रशासन, लोग और CRPF मिलकर आगे भी सभी त्योहार साथ मनाएंगे।सुकमा के एराबोर इलाके में रक्षाबंधन का एक भावुक नजारा देखने को मिला। यहां नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की बहनें हर साल उनकी मूर्तियों पर राखी बांधती हैं।
एक शहीद जवान की बहन ने बताया कि वह हर रक्षाबंधन पर अपने भाई की मूर्ति के पास आती हैं और राखी बांधती हैं। उन्होंने कहा कि भाई के शहीद होने के बाद उनकी बहुत याद आती है। भाई को याद करते हुए उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं और उन्हें लगता है कि अब वह किसके साथ रहेंगी।एक अन्य महिला ने कहा कि भाई के बिना रक्षाबंधन का त्योहार अधूरा लगता है। उन्होंने बताया कि उनका भाई देश के लिए शहीद हुआ था। इसलिए वह हर साल उसकी मूर्ति पर राखी बांधने आती हैं।
एक और महिला ने कहा कि सभी बहनें हर साल शहीद भाई की मूर्ति पर राखी बांधने आती हैं। उन्होंने बताया कि उनका भाई नक्सली हमले में शहीद हुआ था। अब इलाके में नक्सली गतिविधियां खत्म हो चुकी हैं, इसलिए परिवार हर रक्षाबंधन पर उसकी मूर्ति के पास आकर उसे याद करता है। सुकमा में रक्षाबंधन के इन कार्यक्रमों ने भाई-बहन के प्यार के साथ-साथ देश की सेवा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान और उनके बलिदान को भी याद किया।