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IMD का बड़ा अपडेट, इस मानसून कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश, जून से बढ़ेगी गर्मी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर दूसरा दीर्घकालिक पूर्वानुमान जारी किया। मौसम विभाग ने इस बार कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है, वहीं जून से कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति बढ़ने की चेतावनी भी दी है। IMD ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जून से सितंबर तक देश में औसतन 90 प्रतिशत लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) बारिश होने का अनुमान है। इसमें चार प्रतिशत तक मॉडल एरर की संभावना भी शामिल है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है, जहां 94 से 106 प्रतिशत तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। हालांकि मध्य भारत, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और मानसून कोर जोन में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। जून महीने के लिए जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है और यह 92 प्रतिशत LPA से नीचे रहने का अनुमान है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।

IMD ने जून में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की भी चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में सामान्य से अधिक हीटवेव वाले दिन देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी लू का असर बढ़ने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया कि ENSO की न्यूट्रल स्थिति अब अल नीनो की ओर बढ़ रही है। जून तक अल नीनो की संभावना 82 प्रतिशत और जुलाई-अगस्त तक 90 प्रतिशत से अधिक होने का अनुमान है। वहीं इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति पूरे मानसून सीजन के दौरान न्यूट्रल रहने की संभावना है।

IMD के अनुसार मई महीने में देशभर में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि 27 मई तक का कुल मौसमी वर्षा आंकड़ा सामान्य से एक प्रतिशत अधिक रहा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को सामान्य तिथि से चार दिन पहले अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पहुंच गया था। इसके बाद यह दक्षिण अरब सागर और लक्षद्वीप तक आगे बढ़ चुका है और अगले एक सप्ताह में केरल तथा पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच IMD ने उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों के दौरान भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं, आंधी और ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।