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सोना पप्पू केस में ED की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में इतिहासशीटर बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार ED की टीमों ने शुक्रवार सुबह कोलकाता और मुर्शिदाबाद जिले के कई स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिनके मामले से जुड़े होने की आशंका है। इनमें मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू और सौरव अधिकारी के ठिकाने भी शामिल हैं। सौरव अधिकारी, पूर्व कालीघाट थाना प्रभारी बिस्वास के भतीजे बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसी ने मुर्शिदाबाद जिले में शांतनु सिन्हा बिस्वास की संपत्तियों की भी तलाशी ली। इसके अलावा कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली के घर पर भी छापा मारा गया, जिन्हें बिस्वास का करीबी सहयोगी माना जा रहा है। ED अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई आरोपियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर की गई है। एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेनदेन और आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।

ED ने 14 मई को जमीन कब्जाने और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के बाद शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार किया था। वहीं सोना पप्पू को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 19 अप्रैल को ED ने सन एंटरप्राइज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय एस कामदार को भी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।

ED ने 1 अप्रैल को भी इस मामले में छापेमारी की थी, जिसमें 1.47 करोड़ रुपये नकद, 67.64 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक अवैध रिवॉल्वर और कई अहम दस्तावेज तथा डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे। जांच में कई जमीन और इमारतों की पहचान भी हुई थी, जिनके आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदे जाने का संदेह है। ED की जांच में अब तक सामने आया है कि सोना पप्पू और उसके सहयोगियों द्वारा जबरन वसूली, जमीन कब्जाने और अवैध निर्माण जैसी गतिविधियों के जरिए अवैध कमाई की गई, जिसे बाद में विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई।