Breaking News

बरगी डैम क्रूज हादसा: 48 घंटे बाद मिला एक बच्चे का शव, मृतकों की संख्या 10 हुई     |   ICC महिला T20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान, हरमनप्रीत कौर रहेंगी कप्तान     |   बंगाल: ममता बनर्जी आज काउंटिंग एजेंट्स संग करेंगी अहम बैठक     |   बंगाल री-पोलिंग: दोपहर 3 बजे तक 72.43% मतदान दर्ज     |   खराब मौसम के चलते 3 दिनों में केदारनाथ धाम की 50 प्रतिशत हेलीकॉप्टर टिकट कैंसिल     |  

करूर भगदड़ : उच्चतम न्यायालय टीवीके की याचिका पर आज करेगा सुनवाई

उच्चतम न्यायालय तमिल फिल्मों के अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) द्वारा दायर याचिका पर आज सुनवाई करेगा, जिसमें करूर भगदड़ की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। करूर में 27 सितंबर को विजय की रैली में मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 60 लोग घायल हो गए थे। उच्चतम न्यायालय मंगलवार को टीवीके की याचिका पर 10 अक्टूबर को सुनवाई करने पर सहमत हो गया था। शीर्ष अदालत की वाद सूची के अनुसार न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।

प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता उमा आनंदन की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी, जिसमें 27 सितंबर की भगदड़ की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराने का अनुरोध करने वाली याचिका उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने को चुनौती दी गई है। टीवीके ने अपनी याचिका में उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच का अनुरोध करते हुए दलील दी है कि केवल तमिलनाडु पुलिस के अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कराना संभव नहीं होगा।

याचिका में उच्च न्यायालय द्वारा केवल तमिलनाडु पुलिस के अधिकारियों को शामिल कर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने पर आपत्ति जताई गई है। इसमें आरोप लगाया गया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा पूर्व नियोजित साजिश के कारण भगदड़ मची। याचिका में पार्टी और अभिनय से राजनीति में आए विजय के खिलाफ उच्च न्यायालय की तीखी टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई गई। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि रैली में 27,000 लोग शामिल हुए, जो अपेक्षित 10,000 प्रतिभागियों से लगभग तीन गुना ज्यादा था। पुलिस ने इस त्रासदी के लिए विजय के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में सात घंटे की देरी को जिम्मेदार ठहराया।