मथुरा के फरह स्थित दीनदयाल धाम में गुरुवार को आयोजित विराट किसान एवं युवा सम्मेलन को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संबोधित किया। यह सम्मेलन चार दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेला-2026’ के तहत आयोजित किया गया। इस दौरान ब्रजेश पाठक ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए उनके विचारों और सिद्धांतों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, सनातन संस्कृति, अंत्योदय और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके विचारों को सिर्फ पढ़ना या सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने जीवन और आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
‘अंतिम व्यक्ति की चिंता को केंद्र में रखा’

ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद का ध्वज ऊंचा रखा। उनका चिंतन भारत की मूल सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा था। ‘एकात्म मानव दर्शन’ और ‘अंत्योदय’ के जरिए उन्होंने विकास की ऐसी अवधारणा दी, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता को केंद्र में रखा गया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल का चिंतन केवल भारत तक सीमित नहीं था। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से प्रेरित उनका दर्शन मानवता के कल्याण और समरस समाज की स्थापना का संदेश देता है।
किसान और युवा राष्ट्र निर्माण की शक्ति

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और युवा भारत की विकास यात्रा के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। किसान देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं, जबकि युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और नवाचार के जरिए देश के भविष्य को मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और युवाओं को बेहतर अवसर देना विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है। अंत्योदय, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र प्रथम की भावना को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बना दीनदयाल धाम

ब्रजेश पाठक ने कहा कि दीनदयाल धाम में आयोजित यह मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग पूरे साल इस मेले का इंतजार करते हैं।
उन्होंने कहा कि मेले का लगातार विस्तार और बढ़ती जनभागीदारी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और उनकी स्मृतियों से आम लोगों के जुड़ाव को दर्शाती है। दीनदयाल धाम की यह भूमि सेवा, समर्पण, अंत्योदय और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ और सम्मान पहुंचे और किसान तथा युवा देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक दिनेश जी, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, जिला पंचायत मथुरा के अध्यक्ष किशन चौधरी, मेला समिति के अध्यक्ष सोहनलाल, मंत्री मनीष अग्रवाल और कोषाध्यक्ष नरेंद्र पाठक समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।