मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार सुबह अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ उज्जैन स्थित आंगारेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कुशलता की कामना की। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पंचामृत अभिषेक किया, साथ ही कुमकुम, लाल फूल अर्पित कर आरती की। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “यह श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र स्थल है, जहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं। मैंने भी आज यहां पूजा कर सभी के कल्याण की प्रार्थना की। भगवान आंगारेश्वर महादेव से कामना है कि नया वर्ष खुशियों से भरा हो और आगामी सिंहस्थ पर्व सफलतापूर्वक संपन्न हो।”
उन्होंने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर घाटों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश और देश लगातार प्रगति कर रहे हैं। पूजा के बाद मुख्यमंत्री शिप्रा नदी के तट पर स्थित गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी पत्नी के साथ गायों को चारा और गुड़ खिलाया। इसके अलावा उन्होंने आंगारेश्वर मंदिर क्षेत्र में शिप्रा नदी के किनारे बन रहे घाटों के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। सिंहस्थ एक प्रमुख हिंदू धार्मिक पर्व है, जो हर 12 वर्ष में उज्जैन में आयोजित होता है। पिछला सिंहस्थ 2016 में आयोजित हुआ था। वर्ष 2028 के सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा जल, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कई विकास कार्य किए जा रहे हैं।