कोविड महामारी को पांच साल बीत गए, लेकिन केरल अब भी सैलानियों की पहले की तरह आमद देखने को तरस रहा है। सैलानियों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य का पर्यटन विभाग काफी मेहनत कर रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, हरे-भरे चाय के बागान, शांत बैकवाटर के साथ समृद्ध सांस्कृतिक और शिल्प विरासत से लैस केरल हमेशा से विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। पर्यटन विभाग दूसरे हितधारकों के साथ नए सैलानियों को आकर्षित करने के लिए काम कर रहा है।
राज्य पर्यटन विभाग की निदेशक ने बताया कि उनका विभाग नवीनतम सूचनाएं सैलानियों तक पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रहा है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। विभाग को उम्मीद है कि बाईपोर अंतरराष्ट्रीय जल महोत्सव जैसे आयोजन सैलानियों को लुभाएंगे। इसमें पानी से जुड़े कई खेल होते हैं। साथ ही कोची मुजिरिस बाइनल और कोझीकोड में केरल लिटरेचर फेस्टिवल भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सैलानियों को आकर्षित करेंगे। इनके अलावा स्प्लैश वायनाड जैसे आयोजनों से भी राज्य में सैलानियों की आमद बढ़ने की उम्मीद है।