उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में इस साल गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ये निर्णय मंगलवार को समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की बैठक में लिया गया। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। ये नया नियम अगले महीने से शुरू होने वाले तीर्थयात्रा सीजन से लागू होगा। इस नियम के तहत गैर-हिंदुओं को मंदिर परिसर या गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
समिति ने बताया कि गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की परंपरा आदि शंकराचार्य के समय से चली आ रही है। समिति ने कहा, “बद्रीनाथ और केदारनाथ पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आस्था के केंद्र हैं। ये आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित वैदिक केंद्र हैं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 26 प्रत्येक धार्मिक समुदाय को अपने धार्मिक मामलों के प्रबंधन का अधिकार देता है।” बद्रीनाथ धाम के द्वार 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के द्वार 22 अप्रैल को खुलेंगे। चार धाम यात्रा अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल से शुरू होगी, जब गंगोत्री और यमुनात्री मंदिरों के द्वार खोले जाएंगे।
Badrinath-Kedarnath Temple में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन, Char Dham Yatra से पहले BKTC ने लिया फैसला
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