राजनीतिक दल चुनावों में जनता को अपने पक्ष में करने के लिए हर तरकीब अपनाते हैं. आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में तरह-तरह के बयान देते हैं. सियासी फायदे के लिए कई बार मर्यादाएं भी लांघ जाते हैं. इसी को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है. जाति, भाषा, धर्म, सेना और संविधान पर बयान देने के मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों को आड़े हाथ लिया है. बीजेपी और कांग्रेस अध्यक्ष को मर्यादा बनाए रखने के लिए औपचारिक नोट जारी करने का निर्देश दिया है.