भारतीय सेना ने जवानों और पूर्व सैनिकों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए देहरादून स्थित कंबाइंड (PG) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत संस्थान भारतीय सेना के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के पात्र बच्चों को ट्यूशन फीस में विशेष छूट देगा। वहीं, देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्यकर्मियों के बच्चों को फीस में अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल सेना के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वहीं, मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP-III) के तहत उत्तराखंड दौरे पर आए वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों ने बुधवार को देहरादून के सरदार पटेल भवन में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ से शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में जाम्बिया के लुसाका स्थित भारतीय उच्चायुक्त आलोक रंजन झा, लिथुआनिया के विलनियस स्थित भारतीय राजदूत देवेश उत्तम और जमैका के किंग्स्टन स्थित भारतीय उच्चायुक्त मयंक जोशी शामिल रहे।
बैठक के दौरान DGP दीपम सेठ ने राजनयिकों को उत्तराखंड की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य में पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस द्वारा चलाए जाने वाले आपदा राहत और बचाव अभियानों, सीमा सुरक्षा प्रबंधन और ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के बारे में बताया। उन्होंने चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी दी।
DGP ने तकनीक आधारित पुलिसिंग, ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, तेज आपदा प्रतिक्रिया, साइबर सुरक्षा और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर भी चर्चा की। उत्तराखंड में बढ़ती पर्यटन और तीर्थयात्रा को देखते हुए सुरक्षित और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपायों पर भी बातचीत हुई।
तीनों राजनयिकों ने जाम्बिया, लिथुआनिया और जमैका की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ-साथ अपने-अपने देशों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में जानकारी साझा की। बैठक में भारत और इन देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों पर भी चर्चा हुई। सुरक्षा, तकनीक और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के अनुभव और बेहतर तरीकों को साझा करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती सुरक्षा चुनौतियों, साइबर अपराध, आपदा प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल जैसे समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। DGP दीपम सेठ ने कहा कि इस तरह की बातचीत से पुलिसिंग और सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक अनुभवों और बेहतर तरीकों को साझा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे आपसी सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे।