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छठ पूजा के दौरान भूल से भी न करें ये काम

छठ का महापर्व सूर्य देव की अराधना का पर्व होता है. यह उत्तर भारत के लोगों के लिए बहुत खास होता है. 4 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व होता है. छठ पूजा के सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है. छठ पूजा देश का एकमात्र ऐसा त्योहार है, जिसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं. इस पर्व की शुरुआत नहाय खास से शुरु हो चुकी है. छठ पूजा को लेकर बहुत सी परंपराएं और बहुत सी मान्यताएं जो इस पर्व को और खास बना देती हैं.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब महाराज पांडू किंदम ऋृषि का हत्या का प्रायश्चित करने अपनी पत्नी कुंती के साथ वन में घूम रहे थे, तब पुत्र प्राप्ति की इच्छा से उन्होंने रानी कुंती के साथ मिलकर सरस्वती नदी में सूर्य की अराधना की थी. इससे कुंती के पुत्र की प्राप्ति हुई. इसलिए छठ पर्व का बहुत महत्व बताया जाता है. इन चार दिनों के दौरान पूरे अनुष्ठान के साथ सूर्यदेव की अराधना करने और पूरे नियमों के साथ व्रत करने पर संतान सुख प्राप्त होता है और पति की जीवन में तरक्की के योग बनते हैं.