रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 25 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है, ताकि यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखी जा सके और पर्यावरण अनुकूल यात्रा सुनिश्चित हो सके। जिला प्रशासन के मुताबिक, गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक सफाई कर्मचारी लगातार सफाई कार्य में जुटे हैं। पैदल मार्ग और मंदिर परिसर में फैले कचरे को नियमित रूप से एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग छांटा जा रहा है। प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि केदारनाथ यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी बनाए रखने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस बीच, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि 'डिपॉजिट रिफंड सिस्टम' के माध्यम से अब तक 50 टन से अधिक कचरा एकत्र किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, "इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु कचरा जमा करते हैं और बदले में उन्हें राशि वापस की जाती है। हमारा उद्देश्य पूरी यात्रा अवधि के दौरान उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखना, कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना है।" जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक लगभग 6.05 लाख श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं की हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए सीओ (सर्किल ऑफिसर) रैंक के अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा सेक्टर अधिकारी और एसडीएम को भी मौके पर तैनात किया गया है।