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Bihar: राहुल गांधी के दौरे के बाद कांग्रेस मुख्यालय में अफरा-तफरी, आपस में भिड़े कार्यकर्ता

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों के साथ पार्टी के राज्य मुख्यालय में चर्चा कर राहुल गांधी के जाने के कुछ ही मिनटों बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल अपने एक दिवसीय दौरे को खत्म करने से पहले सोमवार दोपहर ऐतिहासिक सदाकत आश्रम पहुंचे। इससे पहले उन्होंने बेगूसराय में पदयात्रा और पटना में एक संगोष्ठी में हिस्सा लिया। 

कांग्रेस की राज्य इकाई द्वारा साझा की गई बैठक की एक छोटी वीडियो क्लिप के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का ‘देखो देखो शेर आया’ के नारे के साथ स्वागत किया। राहुल अपनी सभाओं में पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राय: ‘बब्बर शेर’ कहकर प्रोत्साहित करते हैं। राहुल गांधी, कार्यक्रम स्थल पर करीब आधे घंटे तक रहे और उनके जाने के तुरंत बाद हाथ में एक पर्चा लिये एक युवक पत्रकारों की नजर में आया। 

पर्चे में ‘वक्फ विधेयक के लिए समर्थन’ लिखा हुआ था। पार्टी कार्यकर्ताओं को ये समझने में थोड़ा समय लगा कि युवक कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं था। युवक की पहचान ‘भोजपुर जिले के मूल निवासी राम बाबू यादव’ के रूप में हुई। इसके बाद, पार्टी कार्यकर्ताओं ने यादव को परिसर से बाहर निकाल दिया और आरोप लगाया कि ‘वह भारतीय जनता पार्टी का एजेंट है, जिसे पैसे देकर यहां भेजा गया है’। 

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह से जब इस घटना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उड़ान में देरी होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी के प्रत्येक दौरे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ जाता है।’’

जब सिंह अपनी कार की ओर बढ़े तो आपस में झगड़ रहे दो पार्टी समर्थकों के कारण उनका रास्ता बाधित हुआ। सिंह ने उनमें से एक को थप्पड़ मारा और फिर वह अपनी कार में बैठकर चले गए। बाद में झगड़ रहे एक व्यक्ति ने संवाददाताओं से कहा, “मैं जन्म से कांग्रेस समर्थक हूं। मैं पंचायत सदस्य हूं। जो मेरे साथ मारपीट कर रहा था, वह एक पूर्व विधायक है, जो वास्तव में भाजपा का एजेंट है।”