अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर एक और दौर की कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की है। यह ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है। इस हमले में ईरान के बंदर अब्बास इलाके में कम से कम दो लोगों के घायल होने की खबर है। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने 23 जुलाई को रात 9 बजे ET पर हमले किए। इस दौरान ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, ड्रोन रखने की जगहों, संचार नेटवर्क, तटीय निगरानी ठिकानों और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
CENTCOM ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले आम नागरिकों के जहाजों और व्यापारिक जहाजों के लिए ईरान से पैदा होने वाले खतरे को कम करना है। बयान में कहा गया, "CENTCOM ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, ड्रोन स्टोरेज सुविधाओं, संचार नेटवर्क, तटीय निगरानी ठिकानों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और व्यापारिक जहाजों के लिए ईरान से पैदा होने वाले खतरे को और कम किया जा सके।"
CENTCOM ने यह भी कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की हालिया कार्रवाइयों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग जहाजों के आवागमन के लिए खुला है। अमेरिकी सैन्य सहायता के बीच व्यापारिक जहाज लगातार इस जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। इससे पहले CENTCOM ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ एक और रात की कार्रवाई शुरू की है। इसे ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात की कार्रवाई बताया गया था। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान को जवाबदेह ठहराना और IRGC से व्यापारिक जहाजों को होने वाले खतरे को कम करना है।
अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि इस समय 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व में तैनात हैं। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने बताया कि अमेरिकी हमलों की ताजा लहर में देश के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। IRIB ने खुजिस्तान के डिप्टी गवर्नर के हवाले से बताया कि अहवाज शहर के आसपास के इलाकों पर अमेरिकी मिसाइलों से हमला किया गया। इसके अलावा पश्चिमी बंदर अब्बास, ओमिदियेह, क़ेशम के दक्षिणी तट, अंदीमेशक, कोनारक, जास्क, फार्स प्रांत के फिरोजाबाद, यज्द प्रांत में ताफ्त के बाहर और खोर्रमाबाद के दक्षिण में भी धमाकों की खबर सामने आई।
IRIB ने होर्मुजगान के डिप्टी गवर्नर के हवाले से बताया कि बंदर अब्बास में अल्लाह अकबर पहाड़ी पर हुए अमेरिकी हमले में दो लोग घायल हुए हैं। वहीं, होर्मुजगान प्रांत के संकट प्रबंधन महानिदेशक ने बताया कि हमले वाली जगह पर बिजली का एक खंभा टूट गया और बिजली का तार भी क्षतिग्रस्त हो गया। IRIB ने सेंट्रल प्रांत के डिप्टी गवर्नर के हवाले से बताया कि खंदाब शहर के बाहर एक स्थान पर दुश्मन के दो प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले महीने हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के टूटने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संघर्ष को खत्म करना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा होर्मुज जलडमरूमध्य समेत अन्य मुद्दों पर आगे बातचीत का रास्ता खोलना था। समझौता टूटने के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।