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मुंबई के बांद्रा में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पथराव, 16 गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने बुधवार को बांद्रा रेलवे स्टेशन (पूर्व) के पास पश्चिम रेलवे द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव करने के आरोप में 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को गुरुवार को बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एंटी-डिमोलिशन अभियान के दौरान भीड़ ने करीब एक घंटे तक पुलिस पर पत्थर और पेवर ब्लॉक फेंके। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

इस झड़प में पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें एक अधिकारी का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे की नाक की हड्डी टूट गई। इसके अलावा 10 अन्य पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। पश्चिम रेलवे ने मंगलवार से अवैध ढांचों को हटाने का अभियान शुरू किया था। यह कार्रवाई इंफ्रास्ट्रक्चर और भूमि पुनर्विकास परियोजना के तहत की जा रही है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) ने हाल ही में इस इलाके की जमीन आधुनिकीकरण परियोजनाओं के लिए निजी डेवलपर्स को नीलाम की थी।

यह अभियान नगर प्रशासन, पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से चलाया जा रहा है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक ने बताया कि अभियान के दौरान किसी को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।उन्होंने कहा, “19 मई से यह अभियान शुरू हुआ। इसमें शहर पुलिस, राज्य प्रशासन, जिला प्रशासन और रेलवे समेत कई विभागों का सहयोग है। रोजाना लगभग 1000 से 1200 कर्मचारी यहां तैनात हैं। पहले दिन 20 प्रतिशत, दूसरे दिन 60 प्रतिशत और अब तक कुल 85 प्रतिशत अतिक्रमण हटाया जा चुका है।”

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए 13-14 बड़ी और छोटी मशीनें लगाई गई हैं और स्थानीय लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। जरूरतमंदों को पानी की बोतलें और पैक्ड भोजन भी वितरित किया गया। रेलवे अधिकारी ने कहा कि बुधवार को 10-15 मिनट के लिए स्थिति तनावपूर्ण हुई थी, लेकिन उसे तुरंत संभाल लिया गया।

उन्होंने बताया कि मौके पर शहर पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) समेत करीब 1200 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग ने पिछले 30 वर्षों से यहां झुग्गियां बनाकर रह रहे हैं, उन्हें पहले पुनर्वास दिया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, “यह इलाका ‘गरीब नगर’ कहलाता है। यहां रहने वाले गरीब लोगों के पास जाने के लिए दूसरी जगह नहीं है। विकास का विरोध नहीं है, लेकिन बिना पुनर्वास गरीबों को इस तरह हटाना गलत है।” बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेलवे भूमि पर बने अवैध ढांचों को हटाने की अनुमति देते हुए कहा था कि इन बस्तियों और कचरे के जमाव से रेलवे ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को खतरा है। रेलवे के अनुसार, इस जमीन का इस्तेमाल मुंबई से 50 नई ट्रेनों के संचालन और बांद्रा टर्मिनस के विस्तार के लिए किया जाएगा।