बिहार इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। पटना समेत कई शहरों में सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। बाजारों में भी भीड़ कम दिखाई दे रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए छांव और ठंडे पानी का सहारा लेते नजर आए। रिक्शा चालक, मजदूर और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
लगातार एयर कंडीशनर और कूलर चलने से बिजली की खपत भी काफी बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। लोगों ने दिन और रात दोनों समय उमस भरी गर्मी की शिकायत की है। बिहार के कई जिलों में फिलहाल भीषण हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। बिहार में तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है और असहजता का स्तर काफी ज्यादा है। खासतौर पर दक्षिण-पश्चिम बिहार के कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया और नवादा जिलों में गंभीर लू की स्थिति बनी हुई है।”
IMD वैज्ञानिक ने बताया कि अगले चार दिनों के बाद लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। 26 और 27 मई के आसपास राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बिहार में सामान्य तौर पर 15 जून के आसपास मानसून पहुंचता है, जिसमें तीन से चार दिन का अंतर हो सकता है। वहीं, केरल में मानसून के 28 मई के आसपास पहुंचने की संभावना है।