भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार को पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 2026 विधानसभा चुनावों को लेकर सोशल मीडिया और AI से बने कंटेंट पर सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित करने की बात दोहराई। आयोग ने स्पष्ट किया कि गैरकानूनी कंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।चुनाव आयोग के अनुसार, 15 मार्च से अब तक 11,000 से अधिक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई की गई है, जबकि C-Vigil ऐप के जरिए मिली 3,10,393 शिकायतों का निपटारा किया गया, जिसमें 96.01% मामलों का समाधान 100 मिनट के भीतर हुआ।
ECI ने कहा कि राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और प्रचार से जुड़े लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव प्रचार में उपयोग किए जाने वाले AI-जनरेटेड या डिजिटल रूप से बदले गए कंटेंट को स्पष्ट रूप से "AI-Generated", "Digitally Enhanced" या "Synthetic Content" के रूप में लेबल किया जाए, साथ ही उसके स्रोत की जानकारी भी दी जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मतदाताओं का भरोसा कायम रहे।
आयोग ने यह भी बताया कि असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में ऐसे पोस्ट, जो आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन करते हैं, कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं या भ्रामक जानकारी फैलाते हैं, उन पर राज्य के IT नोडल अधिकारियों द्वारा नजर रखी जा रही है और कार्रवाई की जा रही है।
ECI ने यह भी दोहराया कि चुनाव प्रचार से जुड़ा कोई भी सिंथेटिक कंटेंट 48 घंटे की "साइलेंस पीरियड" के दौरान प्रसारित नहीं किया जा सकता। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार के चुनावी प्रचार पर रोक रहती है, जिसका पालन सभी मीडिया प्लेटफॉर्म—टीवी, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया—को करना होगा।
आयोग ने यह भी कहा कि नागरिक, राजनीतिक दल और उम्मीदवार ECINET के C-Vigil मॉड्यूल के जरिए MCC उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। गौरतलब है कि 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई थी। असम, पुडुचेरी और केरल में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।