भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ काम करने वाली नई टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है और अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी ने महिलाओं को भी संगठन में अच्छी हिस्सेदारी दी है। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के करीब छह महीने बाद नई टीम की घोषणा की गई है।
बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बने रहेंगे। वहीं, पूर्व अमेठी सांसद स्मृति ईरानी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब, सुनील बंसल, विनोद तावड़े, गजेंद्र पटेल, सतीश पूनिया, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की है। इनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीन पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराजा, प्रो. तारिक मंसूर और मधुचंद्र कार शामिल हैं। इन 13 उपाध्यक्षों में 6 महिलाएं हैं।
राष्ट्रीय सचिवों की सूची में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, डॉ. भोला सिंह, प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, संदीप पाठक, फांगनोन कोन्याक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, एम. वेंकटेशन, मनोज तिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, स्वदेश सिंह, मृगांका देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश को शामिल किया गया है। ये नेता मध्य प्रदेश, केरल, उत्तर प्रदेश, झारखंड, गुजरात, दिल्ली, नागालैंड, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार और असम समेत अलग-अलग राज्यों से हैं।
पीयूष गोयल को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, राज्यसभा सांसद तरुण चुग को केंद्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। गुजरात से सांसद हेमंग जोशी को युवा मोर्चा का प्रभार सौंपा गया है, जबकि छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी चौधरी महिला मोर्चा की जिम्मेदारी संभालेंगी।
मीडिया से जुड़े संगठनात्मक काम में भी बदलाव किया गया है। लोकसभा सांसद अनिल बलूनी मीडिया संयोजक के पद पर बने रहेंगे। उनके साथ मध्य प्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल, दिल्ली के प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव सह-संयोजक के तौर पर काम करेंगे। छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है।
नितिन नबीन की नई टीम के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा 2027 में होगी, जब उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नई टीम के गठन को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। संगठन में हुए इन बदलावों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो सकती हैं।