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NEET पेपर लीक विवाद के बीच CJP और सरकार की अहम बैठक, CJP ने रखीं तीन मांगें, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी पार्टी

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक की। यह बैठक बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुई। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, हालांकि बातचीत का एजेंडा आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। यह बैठक विट्ठल पटेल हाउस में हुई।

CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने बातचीत के लिए सहमति जताई। बताया जा रहा है कि सरकार ने उनकी दो शर्तों को मान लिया है। इनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने और हालिया परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग शामिल है। हालांकि, CJP अपनी मुख्य मांग पर अब भी कायम है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

यह बैठक सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म करने के बाद हुई है। वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार को लेकर केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त किया था। सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म की।

एक्स पर साझा किए गए वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे थे और उन्हें जरूरी आश्वासन दिया था। वांगचुक ने वीडियो में कहा, "नमस्कार दोस्तों। आज 26वें दिन मैं आप सभी के साथ एक खास खबर साझा करना चाहता हूं। अभी रात के करीब 12:30 बज रहे हैं। कुछ देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मुझसे मिलने यहां आए थे। एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता भी इस दौरान मौजूद थे।"

हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे वांगचुक ने बताया कि यह सफलता संसद के समर्थन और लंबे समय तक चली बातचीत के बाद मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से पहले मौखिक आश्वासन दिए गए थे, लेकिन उन्होंने लिखित दस्तावेज की मांग की। इसी वजह से उन्होंने अपना प्रदर्शन खत्म करने में दो दिन का समय लिया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक्स पर साझा किए गए एक सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो में घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले ड्राफ्ट विधेयक पर विचार करेगा। पीएम मोदी ने कहा, "मैंने विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।" वीडियो के साथ प्रधानमंत्री ने लिखा, "पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई कल कैबिनेट में होने वाली है!"

वीडियो में पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दर्दनाक है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं और पेपर लीक के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद न हो। उन्होंने बताया कि करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं कम से कम समय में आयोजित कराई गईं और 19 तारीख को परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए गए।