फरहान अख्तर की फिल्म 'बूंग' ने BAFTA Awards 2026 में इतिहास रच दिया है. इस फिल्म को चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म की कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड मिला. इस फिल्म ने 79वें बाफ्टा अवॉर्ड में चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड अपने नाम कर लिया है.फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन के बैनर तले बनी 'बूंग’ ने इस अवॉर्ड को अपने नाम कर, इंडिया सिनेमा का नाम रोशन कर दिया है. अवॉर्ड जीतने के बाद से ही चारों तरफ इस फिल्म की चर्चा हो रही है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है जो इसने बड़ी-बड़ी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया.
साल 2024 में थिएटरों में रिलीज हुई 'बूंग' को लक्ष्मीप्रिया देवी ने डायरेक्ट किया है और इसे फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है. बाफ्टा 2026 में इस इमोशनल ड्रामा ने 'आर्को', 'लिलो एंड स्टिच' और 'ज़ूट्रोपोलिस 2' जैसी मजबूत अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को रेस में पीछे छोड़ दिया. फरहान अख्तर की 'बूंग’ मणिपुर में काफी लंबे समय से चल रहे सामाजिक और राजनीतिक तनाव के बीच रहने वाले एक छोटे लड़के की है. फिल्म के मुख्य किरदार में एक्टर गुगुन किपगेन नजर आए थे, जो अपने परिवार के लोगों को फिर से एक करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करता है.
ये फिल्म मणिपुर के बूंग नाम के एक लड़के की कहानी है. वो अपनी मां को एक खास तोहफे से सरप्राइज देने का प्लान बनाता है. अपने मासूम मन में, उसे लगता है कि अपने खोए हुए पिता को घर वापस लाना सबसे अच्छा तोहफा होगा. पिता को ढूंढने की उसकी ये तलाश धीरे-धीरे उसकी जिंदगी बदल देती है.
इस छोटे बच्चे को लगता है कि उसके खोए पिता के मिल जाने से उसकी मां खुश हो जाएगी. बूंग अपने पिता की तलाश में बॉर्डर के शहर मोरेह और म्यांमार में एंट्री ले लेता है. तब उसकी जिंदगी में अचानक शुरू होने वाली चुनौतियां उसे कहीं ओर ले जाती है. थिएटर रिलीज से पहले 'बूंग' को कई इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था, जहां इसकी कहानी की सराहना हुई. वहीं, इस फिल्म को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म सेरेमनी 2024 में और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म इवेंट समेत कई बड़े प्लेटफॉर्म पर दिखाया गया.