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दिल्ली में वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में बड़ी पहल, सीएम रेखा गुप्ता ने FCTS प्लांट का किया उद्घाटन

New Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरिता विहार के एम ब्लॉक में फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घर-घर से कूड़ा संग्रहण और उसके परिवहन के लिए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन सफाई वाहनों के संचालन के लिए 35 महिला ड्राइवरों को भी नियुक्त किया गया है। यह पहल सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी एक अहम कदम है। 

मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बिखरे कूड़े को उठाने के लिए 1,000 मैकेनिकल लिटर पिकर्स की तैनाती की पहल का भी शुभारंभ किया। इसके प्रथम चरण में 50 मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, निगम में नेता सदन जय भगवान यादव, स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, निगमायुक्त संजीव खिरवार सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी, पदाधिकारी उपस्थित थे।

वेस्ट मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में सफाई व्यवस्था और कूड़े का उचित प्रबंधन प्रमुख हैं। देश की राजधानी को स्वच्छ, हराभरा और स्वस्थ बनाने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। दिल्ली सरकार लगातार नगर निगम को आधुनिक मशीनरी, उपकरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है। सरकार दीर्घकालिक योजना के तहत काम कर रही है, ताकि आने वाले 15 से 30 वर्षों में भी दिल्लीवासियों को कूड़े के प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले लगभग 15,000 मीट्रिक टन कूड़े में से केवल 6,000 से 7,000 मीट्रिक टन का ही प्रसंस्करण हो पाता था। इसके कारण कूड़े के पहाड़ लगातार बढ़ते गए। इस स्थिति को बदलने के लिए नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने, मौजूदा प्लांटों की क्षमता बढ़ाने, ई-वेस्ट सेंटर स्थापित करने और गाय के गोबर के प्रबंधन के लिए बायोगैस प्लांट लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही, सफाई व्यवस्था के लिए नई मशीनरी, बेहतर बुनियादी ढांचे और अतिरिक्त कर्मचारियों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

दक्षिण-पूर्वी जोन के लिए आधुनिक सफाई मशीनरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी जोन में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 428 ऑटो टिपर, 128 ई-रिक्शा, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए 25 टाटा 407 वाहन, 27 रिफ्यूज कॉम्पैक्टर, पांच अतिरिक्त रिफ्यूज कॉम्पैक्टर और 30 हुक लोडर उपलब्ध कराने को स्वीकृति दी गई है। साथ ही 100 कॉम्पैक्टर बिन उपलब्ध हैं। स्वच्छता संबंधी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 1,500 स्टील कूड़ेदान, 300 एचडीपीई कूड़ेदान और बागवानी कचरे के परिवहन के लिए 10 टिपर ट्रक भी उपलब्ध कराए गए हैं।

 इसके अलावा दिल्ली सरकार ने नगर निगम को 1,000 बैटरी चालित पिकर मशीनें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इनमें से 150 मशीनें आ चुकी हैं और शेष मशीनें अगले एक महीने के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इन मशीनों से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बिखरे छोटे कूड़े को उठाने तथा वैक्यूम क्लीनिंग में मदद मिलेगी। साथ ही 100 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के लिए भी फंड उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिदिन जितना कूड़ा उत्पन्न हो, उसका उसी दिन प्रसंस्करण और निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए मशीनरी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

पुराने कपड़ों और खंडित मूर्तियों के लिए अलग संग्रहण व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों के अनुपयोगी कपड़ों को फेंकने के बजाय नजदीकी मेट्रो स्टेशन के पास स्थापित ‘अर्पण’ केंद्रों पर जमा कराएं। इन केंद्रों के माध्यम से कपड़ों का पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग के योग्य बनाना संभव होगा, जिससे संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इसी तरह, पुरानी और खंडित मूर्तियों तथा पूजा सामग्री के अलग संग्रहण और प्रसंस्करण के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली के सभी 250 वार्डों में विसर्जन कियोस्क लगाने की योजना है, जिनमें से मुख्यमंत्री के संबोधन के अनुसार लगभग 100 स्थापित किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य ऐसी सामग्री को सामान्य कूड़े में जाने से रोकना और उसका अलग से प्रबंधन सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

स्वच्छ दिल्ली के लिए नागरिकों की भागीदारी जरूरी: मेयर

दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण बेहतर जीवन और सुंदर भविष्य का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

निगम का लक्ष्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, नियमित और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, घरेलू कचरा निर्धारित संग्रहण व्यवस्था को सौंपने तथा सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने की अपील की।