Breaking News

ई-रिक्शा रिमोट शटडाउन ऐप्स पर केंद्र सरकार सख्त, 2 ऐप प्ले स्टोर से हटाए गए     |   बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 6 जुलाई से दो दिवसीय जम्मू दौरे पर रहेंगे     |   भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी     |   सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की निजी बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट पर रोक लगाई     |   निकाह, हलाला, 3 तलाक की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण नहीं चलेगा: इलाहाबाद HC     |  

दिल्ली की वायु गुणवत्ता हुई 'बेहद खराब', गोपाल राय ने बुलाई संबंधित विभागों की बैठक

दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच चुकी है। केंद्र सरकार की प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत इससे निपटने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को संबंधित विभागों की बैठक बुलाई है। खराब मौसमी परिस्थितियों के कारण इस सीजन में पहली बार रविवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता "बहुत खराब" स्तर पर पहुंच गई।

राजधानी का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रविवार को 313 (बहुत खराब) कैटेगरी में पहुंच गया। शनिवार को एक्यूआई 248 था। पीटीआई-वीडीयो से बात करते हुए मंत्री ने कहा, "वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली में ग्रैप का दूसरा चरण लागू किया गया है। इसे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कैसे लागू किया जाए और कैसे मजबूत किया जाए, इस पर चर्चा के लिए आज 12 बजे दिल्ली सचिवालय में संबंधित विभागों के साथ बैठक बुलाई गई है।"

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए एक कार्य योजना बनाई जाएगी। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के नाम से जानी जाने वाली प्रदूषण नियंत्रण योजना को सक्रिय रूप से लागू करने के लिए जिम्मेदार वैधानिक निकाय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया था कि एनसीआर में निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया जाए। साथ ही बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए जाएं।