उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नकली दवाइयों की बिक्री और सप्लाई करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तराखंड STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और मामले की जांच जारी है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद की गई।
अजय सिंह ने बताया, “मुख्यमंत्री ने नकली दवाइयों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद STF को इस अभियान में लगाया गया। जांच के दौरान पता चला कि विभिन्न राज्यों से बड़ी मात्रा में दवाइयां कूरियर सेवाओं के जरिए भेजी जा रही थीं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेची जा रही दवाइयों को लेकर संबंधित कंपनियों से भी संपर्क किया गया और जांच की गई।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार पांच राज्यों में इस नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि उत्तराखंड के आरोपी ने कोटद्वार और भगवानपुर में नकली दवाइयों का निर्माण किया था। STF इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ;इससे पहले भी उत्तराखंड STF कई बड़े मामलों का खुलासा कर चुकी है। अप्रैल में STF ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर देशभर में लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था। वहीं फरवरी में देहरादून के एमकेपी कॉलेज स्थित महादेव डिजिटल सेंटर में SSC मल्टी-टास्किंग परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया था।