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Sant Sansad 2026: हमें देशद्रोहियों की जड़ों पर वार करना होगा — संत त्रिलोचन दर्शनदास जी महाराज

नई दिल्ली में 16 मई को NETWORK-10 द्वारा ‘संत संसद’ कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से जुड़े अहम विषयों पर मंथन किया। इस विशेष आयोजन में सामाजिक समरसता, जातिवाद के दुष्प्रभाव, धर्मांतरण की चुनौतियां, तीर्थ स्थलों के विकास और भारत की आध्यात्मिक तथा आर्थिक शक्ति जैसे मुद्दों पर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य संत समाज के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

इस कार्यक्रम में संत त्रिलोचन दर्शन दास जी भी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा 'धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग आती है इसको रोकने के लिए संतों को एकजुट होकर काम करना होगा। धर्मांतरण के खिलाफ सरकार को काम करना चाहिए। हमें अपने देश को कैसे बचाना है इस पर काम करना चाहिए। संतों ने हमेशा देश और धर्म के लिए कार्य किया है। हमारे कर्मों से हमारी पहचान होती है।'