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मेरठ में कुत्तों-बंदरों से परेशान प्रभात नगर के लोग, दिनरात घरों के बाहर दे रहे पहरा

मेरठ में बंदरों, कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। प्रभात नगर वार्ड 50 के लोग कुत्तों, बंदरों के कारण घर में कैद हो गए हैं। बच्चे भी खौफ में हैं। दिनरात यहां बंदरों, कुत्तों का आतंक है। बंदर पूरे इलाके में धमाचौकड़ मचाकर लोगों को डराते हैं। कई बार लोगों को काट भी चुके हैं। यहां के लोगों को मजबूरन दिनरात घरों में पहरा देकर बंदरों को भगाना पड़ रहा है। लेकिन नगर निगम में सुनवाई नहीं हो रही।

आपको बता दे वार्ड निवासी भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने बताया कि निगम भी सुनवाई नहीं कर रहा। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया। अब मजबूरन हम लोगों को मंत्री जी को अपनी शिकायत करनी पड़ रही है।

जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने शहरी विकास कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा को अपनी शिकायत भेजी है। जिसमें बंदर, कुत्तों के आतंक से निजात के लिए मांग उठाई है। लोगों ने चिट्‌ठी में लिखा कि मेरठ वार्ड 50 प्रभातनगर क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, दर्जनों लोग घायल हो गए है, आमजन त्राहि त्राहि कर रहे है नगर निगम अधिकारियों को सूचित करके थक गये है पर कोई सुनवाई नहीं, क्षेत्रवासीगण दिन रात खौफ में जीवन यापन कर रहे है,बच्चो ने घर से बाहर निकलकर खेलना बंद कर दिया, रोजाना घर के गमले लाइट, विद्युत तार, इंटरनेट सेवाएं तार को तोड़ दिया जाता है, विभागीय अधिकारी मौन है जनता त्रस्त है। आपसे निवेदन है कि आप अपने स्तर से जांच कर ठोस कार्यवाही कर आमजन को राहत प्रदान करने का कष्ट करे।

वहीं मेरठ शहर की जनता में बंदरों का खौफ है। शहर का कोई मोहल्ला, गली, कालोनी, बाजार और सरकारी कार्यालय ऐसा नहीं है, जहां बंदरों की फौज का घर नहीं बना है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में 50 हजार से ज्यादा बंदर हैं। आतंक इस कदर है कि कई स्थानों पर तो लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है और बंदर खुले घूमते हैं। बंदर घर में प्रवेश न कर सकें इसके लिए घर को लोहे के जाल से कवर कर लिया गया है। बंदर घरों में घुसकर जहां हानि पहुंचा रहे हैं, वहीं लोगों पर हमला करके उन्हें घायल भी कर रहे हैं।