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हरियाणा के वांछित गैंगस्टर को कंबोडिया से किया गया डिपोर्ट, 2018 में हुआ था फरार

Haryana: हरियाणा के कुख्यात वांछित अपराधी मैनपाल ढिल्ला को राज्य पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सहयोग से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा समन्वित एक अभियान में कंबोडिया से प्रत्यर्पित किया गया।

अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मैनपाल बादली और सोनू कुमार के नाम से भी पहचाने जाने वाले ढिल्ला पर हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उस पर जेल में रहते हुए एक हत्या करने का भी आरोप है। उसे 17 जुलाई 2018 को पैरोल पर रिहा किया गया था, जिसके बाद वह फर्जी पहचान पत्र के साथ विदेश भाग गया था।

हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने छह नवंबर 2024 को इंटरपोल के माध्यम से ढिल्ला के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी करवाया और एनसीबी बैंकॉक से संपर्क किया, जिससे पता चला कि वह थाईलैंड से कंबोडिया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने तुरंत एनसीबी-नोम पेन्ह से संपर्क किया और प्राधिकारियों को सूचित किया कि वांछित अपराधी सोनू कुमार के नाम से फर्जी दस्तावेज पर यात्रा कर रहा है। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘26 मार्च 2025 को इंटरपोल के माध्यम से एनसीबी-नोम पेन्ह, कंबोडिया को अनंतिम गिरफ्तारी का अनुरोध भेजा गया था।

एनसीबी-नोम पेन्ह ने 24 जुलाई 2025 को अपराधी की गिरफ्तारी की सूचना दी और राजनयिक माध्यम से प्रत्यर्पण अनुरोध भेजने के लिए कहा। कंबोडियाई अधिकारियों ने बाद में सूचित किया कि उन्होंने वांछित अपराधी को भारतीय अधिकारियों को सौंपने का फैसला किया है।’’

उन्होंने बताया कि बाद में हरियाणा पुलिस की एक टीम कंबोडिया गई और मंगलवार को ढिल्ला को वापस ले आई। ढिल्ला को 29 अप्रैल, 2013 को बहादुरगढ़ में दर्ज एक मामले में हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

इससे पहले भी उसे दो अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। जेल में सजा काटते समय उसे हिसार केंद्रीय कारागार से छह सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन वह जेल नहीं लौटा और फरार हो गया।