Breaking News

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, फिर शुरू हुए जवाबी हमले     |   यूपी: प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, रिहायशी इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी     |   ताहिर हुसैन की उम्रकैद के खिलाफ अपील सुनेगा दिल्ली हाईकोर्ट, 2 दिसंबर को होगी सुनवाई     |   दिशा सालियान की मौत मामले में CBI जांच के आदेश, बॉम्बे HC ने दी मंजूरी     |   राहुल गांधी आज नासिक दौरे पर, जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में होंगे शामिल     |  

Parimatch मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, 4 राज्यों में 12 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को साइप्रस स्थित अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म Parimatch और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की। ED ने महाराष्ट्र, दिल्ली-NCR, राजस्थान और गुजरात में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की। ED के मुताबिक, बुधवार सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में महाराष्ट्र में 5, दिल्ली-NCR में 4, राजस्थान में 2 और गुजरात में 1 ठिकाने को शामिल किया गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें ऐसी पेमेंट कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने Cash Management System (CMS) एजेंटों के जरिए बेटिंग से हुई कमाई को नकद में बदला। इसके अलावा ऐसे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कंपनी सेक्रेटरी (CS) भी जांच के दायरे में हैं, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध तरीके से रकम विदेश भेजने और फर्जी Overseas Direct Investment (ODI) के जरिए पैसा बाहर निकालने में मदद की। Parimatch के लिए पेमेंट और भुगतान (payout) संभालने वाले पेमेंट गेटवे भी कार्रवाई के दायरे में हैं।

यह तलाशी अभियान ED के मुंबई जोनल कार्यालय की ओर से PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत चलाया जा रहा है। इस धारा के तहत मनी लॉन्ड्रिंग या अपराध से अर्जित रकम से जुड़े मामलों में निर्धारित परिस्थितियों में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले 26 मई को भी ED ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में करीब 1.56 करोड़ रुपये की चल संपत्ति, जिसमें लगभग 1.20 करोड़ रुपये नकद शामिल थे, जब्त किए गए थे। इसके अलावा अलग-अलग बैंक खातों में मौजूद करीब 3.8 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए थे। जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद किए गए थे।

ED ने मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में Parimatch.com के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोप है कि ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स को ठगा गया और निवेशकों को अधिक रिटर्न का लालच दिया गया। जांच के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने एक साल में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया।

ED की अब तक की जांच में सामने आया है कि Parimatch और उसके सहयोगियों ने यूजर्स के पैसों को जमा करने, अलग-अलग खातों में घुमाने और ट्रांसफर करने के लिए म्यूल अकाउंट, पेमेंट इंटरमीडियरीज और अलग-अलग वित्तीय चैनलों का जटिल नेटवर्क बनाया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ मामलों में यूजर्स की निकासी का भुगतान प्लेटफॉर्म के सीधे खातों से नहीं किया जाता था। इसके बजाय दूसरे यूजर्स द्वारा जमा की गई रकम को कई किस्तों में सीधे पैसे निकालने वाले यूजर के बैंक खाते या UPI ID में भेजा जाता था। इससे पैसों के वास्तविक स्रोत और लेनदेन की कड़ी को छिपाया जाता था।

ED ने यह भी पाया कि यूजर्स के जमा और निकासी के पैसे कई सॉफ्टवेयर, फिनटेक और टेक्नोलॉजी कंपनियों के नाम पर खोले गए करंट अकाउंट्स के जरिए भेजे जाते थे। इन कंपनियों का वास्तविक कारोबार भी था, लेकिन कथित तौर पर इनके खातों का इस्तेमाल यूजर्स के पैसे जमा करने और पेआउट देने के लिए किया गया। जांच के दौरान Banking Correspondent (BC) नेटवर्क, मोबाइल मनी ट्रांसफर एजेंट, ग्राहक सेवा केंद्र, CMS, स्थानीय किराना दुकानों और रिटेल आउटलेट्स के दुरुपयोग की भी जानकारी सामने आई।

ED के अनुसार, एक लेयर्ड सिस्टम के जरिए यूजर्स की रकम पहले रिटेलर्स और ग्राहक सेवा केंद्रों तक पहुंचाई जाती थी। इसके बाद BC नेटवर्क के माध्यम से वॉलेट में रकम डाली जाती थी और इन वॉलेट्स का इस्तेमाल Parimatch यूजर्स को भुगतान करने के लिए किया जाता था। इस प्रक्रिया से पैसे के वास्तविक स्रोत और ट्रेल को छिपाने की कोशिश की गई। जांच में यह भी सामने आया कि CMS चैनलों के जरिए मिले कुछ नकद पैसों को कथित तौर पर हवाला चैनलों के जरिए भारत से बाहर भेजा गया।

ED के मुताबिक, Parimatch ने 'Parimatch Sports' और 'Parimatch News' के नाम से सरोगेट विज्ञापनों के जरिए भी अपने बेटिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार किया। कंपनी ने देश के 15 से अधिक राज्यों में स्थानीय क्रिकेट लीग के अलावा हॉकी और फुटबॉल टूर्नामेंट को भी स्पॉन्सर किया। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म ने प्रमुख क्विक-कॉमर्स ऐप्स के जरिए भी बेटिंग से जुड़े विज्ञापन चलाए और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए किराना सामान की डिलीवरी के साथ प्रचार सामग्री भेजी। ED ने बताया कि इस मामले में अब तक 112 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।