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मेरठ में फर्जी मिनी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा, देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लगा रहे थे चूना

मेरठ के लिसाड़ी गेट ओर स्वाट टीम ने शुक्रवार को एक फर्जी मिनी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा कर दिया। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से भारी संख्या में एक्सचेंज के उपकरण मोबाइल लैपटॉप एक्सचेंज बोर्ड और भारी संख्या में सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी इंटरनेशनल वाइप काल को वाइस कॉल में चेंजकर देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मोटा चूना लगा रहे थे। जिसके कारण सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके तीन फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। 

आपको बता दें पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता करते हुए एसपी देहात डॉ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि लिसाड़ी गेट पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना पर लिसाड़ी गेट क्षेत्र के लख्खीपुरा मैच चल रहे फर्जी मिनी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने लखीपुर के रहने वाले जुनैद, शाकिब और हरिश को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने की मशीन लैपटॉप और भारी संख्या में सिम कार्ड सहित मोबाइल बरामद किए हैं। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के द्वारा इंटरनेशनल कॉल के जरिए देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मोटा चूना लगा रहे थे। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी वोआईपी कॉल को वॉइस कॉल में चेंज कर बड़े पैमाने पर राजस्व के साथ-साथ देश की अखंडता एकता और संप्रभुता के लिए संकट पैदा कर रहे थे। 

वहीं इस पूरे मामले में एसपी देहात डॉ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी जुनैद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह 12वीं क्लास पढ़ने के बाद बेरोजगार घूम रहा था तभी उसकी मुलाकात समर कॉलोनी के रहने वाले हाजी इरफान से हुई हाजी इरफान जुनैद को ट्रेनिंग दिलाने के लिए देहरादून ले गया और हाजी इरफान में ही जुनैद को टेलीफोन एक्सचेंज की मशीन दी थी इसके बाद जुनैद ने मवाना के रहने वाले आरिफ से संपर्क कर अपने भाई साकिब और अपने जीजा हरीश को भी अपने साथ लगा लिया सभी मिलकर फर्जी मिनी टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए रोज 30 हजार रुपए से लेकर 35 हजार रुपए तक कमाने लगे। पुलिस फरार हाजी इरफान और उसके फरार साथियों की तलाश कर रही है।