Mustafizur Rahman Controversy: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के बीसीसीआई के निर्देश की कड़ी आलोचना की है और इस कदम के पीछे बोर्ड के इरादे पर सवाल उठाया है।
आजाद ने कहा कि आईपीएल नीलामी के लिए योग्य विदेशी खिलाड़ियों की सूची बीसीसीआई खुद तैयार करता है और इसमें सात बांग्लादेशी क्रिकेटर शामिल थे। किसी ने केकेआर को सूची से बाहर के खिलाड़ी को चुनने के लिए मजबूर नहीं किया। सूची बीसीसीआई ने दी थी, इसलिए केकेआर ने उसमें से मुस्तफिजुर रहमान को चुना। ऐसा नहीं है कि शाहरुख खान खुद खिलाड़ियों को चुन रहे थे। आजाद ने ये भी जोड़ा कि केकेआर ने अपनी अपेक्षाकृत कमजोर बॉलिंग अटैक को मजबूत करने के लिए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को चुना था।
आजाद ने रहमान के आईपीएल रिकॉर्ड पर जोर दिया और कहा कि 90 मैचों में 96 विकेट का उनका रिकॉर्ड फ्रेंचाइजी के फैसले को सही ठहराता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर बांग्लादेश के साथ संबंध तनावपूर्ण थे, तो नीलामी पूल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को शामिल करने का क्या मतलब था? उन्होंने कहा, “अगर संबंध अच्छे नहीं हैं, तो उनके खिलाड़ियों को सूची में डाला ही क्यों? अब जब उसे चुन लिया गया है, तो आप केकेआर से उसे हटाने के लिए कह रहे हैं।"
आजाद ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े पिछले विवादों का भी जिक्र किया और अधिकारियों पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लगी पाबंदियों का जिक्र किया और कहा कि खिलाड़ियों को पाकिस्तानी क्रिकेटरों से हाथ मिलाने पर भी आलोचना झेलनी पड़ी, जबकि राजनीतिक नेता और अधिकारी बिना किसी विरोध के पाकिस्तानी हस्तियों से मिलते-जुलते दिखे। उन्होंने कहा, "हाथ मिलाने पर खिलाड़ी बुरे बन जाते हैं, लेकिन दूसरे जो चाहें कर सकते हैं।"
आजाद ने राजनीतिक हमला किया और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में आने वाले चुनावों के कारण इस विवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईपीएल मैच चुनाव के समय ही होंगे। उनका दावा है, "क्योंकि बंगाल में चुनाव नजदीक हैं, इसलिए वे इसे एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।" केंद्र सरकार पर ध्यान भटकाने के साथ-साथ प्रभावी ढंग से शासन करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
बीसीसीआई ने पहले "हाल के घटनाक्रमों" का हवाला देते हुए केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया था, जबकि बांग्लादेश के साथ राजनयिक तनाव बढ़ रहा था और इस मुद्दे पर घरेलू दबाव भी था।